नई पेंशन योजना कर्मचारियों के साथ छलावा

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखण्ड ने केन्द्र एवं उत्तराखण्ड राज्य के शासकीय अधिकारी/कार्मिकों/शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की। एसोसिएशन ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह आर्य ने कहा कि 2005 से सरकार ने नई पेंशन योजना लागू कर कर्मचारियों के हितों को प्रभावित किया है। नई पेंशन योजना कर्मचारियों के साथ छलावा है। इस योजना के तहत पेंशन पूरी तरह से बाजार के अधीन है। जिससे सेवानिवृत होने के बाद भी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। कर्मचारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उसे आगे का जीवन गुजारने के लिए पेंशन की जरूरत होती है लेकिन उसे पेंशन नहीं मिलेगी तो बुढ़ापे की दहलीज में वह सड़क पर होगा। महामंत्री जगदीश राठी ने कहा कि नई पेंशन योजना पूर्णत: शेयर बाजार जोखिम पर आधारित है। जो कि कार्मिकों के हित में नहीं है। जिससे कार्मिकों, शिक्षकों एवं अधिकारियों को सेवानिवृत्ति होने पर अत्यधिक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिस कारण कर्मचारी अपने भविष्य को असुरक्षित महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने हेतु संसद में विधेयक पारित करवाया जाय।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!