नमामि गंगा के महानिदेशक ने लिया परियोजना के तहत हुए कार्यों का जायजा

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ऋषिकेश। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने शुक्रवार को ऋषिकेश पहुंचकर परियोजना के तहत हुए कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने चंद्रेश्वर नगर में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। पांच मंजिला इस सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्य क्षमता को देखकर उन्होंने संतोष जताया। महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र ने कहा कि परियोजना के निर्माण के दौरान वह कई बार यहां आए, लेकिन अब जब सभी एसटीपी के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, तब इनकी कार्यक्षमता को परखना भी जरूरी था। उन्होंने कहा कि गंगा में मिलने वाले दूषित नालों को रोकना और और शोधित करने एक बड़ी चुनौती थी। निरीक्षण के बाद वे हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने कहा, नमामि गंगे परियोजना इस दिशा में काफी सफल हुई है। ऋषिकेश और हरिद्वार शहरों में दूषित नालों को रोकने और सीवर के शोधन के लिए पर्याप्त क्षमता के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए हैं। ऋषिकेश में लक्कड़ घाट का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट 26 एमएलडी का बनाया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट है। इसके अलावा चोरपानी (ढालवाला) में पांच एमएलडी और चंद्रेश्वर नगर में 7.500 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट आसपास की आबादी के लिए अगले कई सालों की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। उनका कहना है कि सभी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बेहतर ढंग से कार्य कर रहे हैं। इनकी उच्चस्तर पर नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जा रही है। सीवर लाइन से वंचित विभिन्न क्षेत्रों को केएफडब्ल्यू परियोजना के तहत सीवर लाइन से जोड़ने का काम किया जाएगा। उन्होंने मुनीकीरेती तपोवन के बीच सीवर लाइन बिछाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को प्रंकलन तैयार करने के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर नमामि गंगे परियोजना के डायरेक्टर टेक्निकल परवीन मोतियार, मुख्य अभियंता सीपी रस्तोगी, परियोजना निदेशक एके चतुर्वेदी, सचिन कुमार, परियोजना इंजीनियर सुनील कुमार, आरके सिंह, सहायक अभियंता जल संस्थान हरीश बंसल, सिचाई विभाग कमल सिंह आदि मौजूद थे।

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