आशाओं से मूल कार्य के साथ न कराया जाए कोविड का कार्य

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रुद्रप्रयाग। आशा संगठन जखोली ब्लॉक की पदाधिकारियों ने केदारनाथ विधायक मनोज रावत को ज्ञापन देकर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि गर्भवती व नवजात की सुरक्षा के साथ कोविड में कार्य करने से बच्चों की जान को खतरा बना है। ऐसे में उनकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। केदारनाथ विधायक को दिए ज्ञापन में आशा संगठन की जखोली ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, उपाध्यक्ष शैला काला, कोषाध्यक्ष सरिता, सचिव बबीता भट्ट, सह सचिव कुसुम बर्त्वाल आदि ने कहा कि आशा वर्कर अपने मूल कार्य गर्भवती व नवजात की सुरक्षा के साथ-साथ कोविड में कार्य करके कहीं न कहीं गर्भवती व बच्चों की जान को खतरा पैदा कर रहे हैं। राष्ट्र हित में हमें भूखे पेट जोखिम का काम करना है तो भी बच्चों के हित मे हमें मूल कार्य से हटा दिया जाए, ताकि समाज के बच्चे सुरक्षित रहें। कहा कि हम सरकारी कर्मचारी तो दूर संविदा कर्मी भी नहीं है, हमें वेतन तो दूर मानदेय भी नहीं मिलता है, वेतन लेने वाले कई डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी आइसोलेट हैं। लेकिन भूखे पेट जोखिम में कार्य करने वाली एक भी आशा आइसोलेट नहीं है। कहा कि ऐसी जोखिम भरी परिस्थिति में आशा स्वयं के साथ- साथ अपने परिवार व बच्चों को भी खतरे में डाल रही है। कहा कि अज्ञानता और कम पढ़े लिखे होने के कारण अपने हितों के लिए संगठित नहीं हो पा रही है। कहा कि निराशा हुई जब सोशल मीडिया से ज्ञात हुआ कि आपके द्वारा भी टेलीमेडिसिन सेवा के प्रशिक्षण में आशा को भी सम्मिलित किए जाने का वक्तब्य जारी किया गया है जो गरीब, लाचार, आशा ही महिला के साथ अन्याय है। कहा कि इस कार्य से उन्हें अलग रखते हुए मूल कार्य करने के लिए वर्तमान सरकार पर दबाव बनाएं। ताकि आशाओं की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई हो सके।

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