एनएसयूआइ ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला

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गोपेश्वर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गैरसैंण में 18 अगस्त को इलाज के दौरान गर्भवती हीरा देवी की मौत होने से भड़का जनाक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। साथ ही सीएचसी के चिकित्सकों पर मुकदमा दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह नेगी कहा कि जब महिला को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था तब डाक्टरों की ओर से की गई जांच में महिला स्वस्थ पाई गई थी। चिकित्सकों ने भी महिला की सामान्य डिलीवरी कराने की बात कही थी। लेकिन, स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती ने दम तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद डक्टरों ने न ही पुलिस को सूचित किया और न ही पोस्टमार्टम कराया।
इस मौके पर विपिन फस्र्वाण, सूर्यप्रकाश पुरोहित, रोहित फस्र्वाण, अजय, मनीष, सुमित, सुधांशु सहित एनएसयूआइ के अन्य कार्यकत्र्ता मौजूद थे।
नारायणबगड़: पहाड़ी से आए मलबे से कर्णप्रयाग ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग हरमनी के समीप दस घंटे तक अवरुद्घ रहा। इस दौरान कार्य कर रही बीआरओ की एक जेसीबी मशीन पिडर नदी में समा गई। चालक ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
शुक्रवार रात्रि 11़30 बजे अचानक हरमनी के समीप कर्णप्रयाग ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से मलबा आने के कारण राजमार्ग बंद हो गया। रात्रि को ही बीआरओ के श्रमिक जेसीबी से मलबा हटा रहे थे। इसी दौरान जेसीबी मशीन के ऊपर मलबा गिरने से जेसीबी मशीन पिडर नदी में गिर गई। इस के बाद शनिवार को सुबह हाइवे सुचारु हो पाया।

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