जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी पहाड़ का रूख कर रहे हैं। यही कारण है कि इन दिनों पहाड़ी रूटों पर यात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया है। लेकिन, गढ़वाल मोटर्स आनर्स यूनियन (जीएमओयू) की अधिकांश बसों के यात्रा रूट पर जाने से व्यवस्था बेपटरी हो गई है। नतीजा पहाड़ों के लिए समय से वाहन नहीं मिल पा रहे है।
जीएमओयू को गढ़वाल की रीढ़ कहा जाता है। जीएमओयू हर दूरस्थ गांव को बेहतर यातायात से जोड़ता है। लेकिन, इन दिनों जीएमओयू की अधिकांश बसें चारधाम यात्रा पर गई हुई हैं। नतीजा पहाड़ के लिए लोगों को समय पर वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। इस स्थिति में कुछ मैक्स चालक पूरी जिम्मेदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। जबकि, कई ऐसे भी हो जो यात्रियों की इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए चार गुना तक किराया वसूल रहे हैं। कोटद्वार से मात्र 15 किलोमीटर दूर दुगड्डा तक जाने वाले यात्रियों से महंगा किराया वसूल रहे हैं। यही नहीं सतपुली जाने वाले यात्रियों से 500 रूपये तक किराया वसूला जा रहा है। यदि कोई यात्री किराया बढ़ोत्तरी का विरोध करता है तो उसे वाहन चालक आधे रास्ते में ही उतार रहे हैं। मैक्स व टैक्सी चालक कोटद्वार स्टैंड में खुलेआम रूट का दो गुना किराया बताते हुए आसानी से सुने भी जा सकते हैं। किराया देने की स्थिति में ही यात्री को वाहन में बिठाया जा रहा है।
बॉक्स समाचार
लगातार बढ़ रही भीड़
मैदान में लगातार बढ़ रही गर्मी व बच्चों के स्कूल की छुट्टियों के बाद अधिकांश परिवार पहाड़ चढ़ रहे हैं। लेकिन, समय से वाहन नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। सुबह दो बजे से ही पहाड़ी रूट पर जाने वाले यात्री इधर-उधर वाहन की तलाश में भटकते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। यही नहीं, निजी कार चालक भी यात्रियों की मजबूरी का खूब फायदा उठा रहे हैं। कई यात्रियों ने शासन-प्रशासन से वाहन चालकों की मनमर्जी पर लगाम लगवाने की मांग की है। कहा कि वाहन में किराया सूची चस्पा की जानी चाहिए। यदि कोई भी चालक अधिक किराया वसूलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।