कोटद्वार-पौड़ी

तिपहिया स्पाइडर व्हील सीढ़ी प्रणाली के आविष्कार को मिला पेटेंट

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श्रीनगर गढ़वाल : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी)उत्तराखण्ड के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ. विनोद सिंह यादव एवं शोध छात्रों में निशांत कुमार, राजेश कुमार और दीपक कुमार को पर्वतीय क्षेत्र में तिपहिए वाली स्पाइडर-व्हील सीढ़ी चढ़ने वाली प्रणाली के आविष्कार के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है। यह पेटेंट केंद्र सरकार के पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट अधिनियम 1970 के प्रावधानों के अनुसार प्रदान किया है और इसकी वैधता 20 वर्षो के लिए होगी।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा किसी शोध को मान्यता देना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने पेटेंट के लिए शोधकर्ताओं को बधाई दी। साथ ही अगले महत्वपूर्ण कदम जो कि इसके व्यावसायीकरण है उसके लिए शुभकामनाएं भी दी। कहा, इस पेटेंट की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और व्यावसायीकरण की प्रक्रिया अभी चल रही है। इस संदर्भ में विभाग के छात्रों ने स्पाइडर-व्हील का प्रोटोटाइप भी प्रस्तुत किया और व्हील असेंबली के कार्य सिद्धांत को प्रदर्शित किया। प्रोफेसर ललित ने कहा इस टेक्नोलॉजी का आविष्कार पहाड़ी क्षेत्र के विकास के लिए किया गया है। यह आविष्कार उन पर्वतीय क्षेत्रों के लिए सुविधाजनक है जहां राज्य के लोगों को असमान सतहों का सामना करना पड़ता है। इस तिपहिया स्पाइडर-व्हील सिस्टम के इस्तेमाल से वे न्यूनतम प्रयास के साथ ट्रॉलियों में सामान ले जाने में सक्षम होंगे एवं नये रोजगार सृजित करने में लाभदायी होगा। संस्थान के प्रभारी कुलसचिव डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने भी शोधकर्ताओं को बधाई दी। (एजेंसी)

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