जयन्न्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पहाड़ में लगातार गर्मी का पारा चढ़ता जा रहा है। ऐसे में चीड़ के जंगलों में आग लगी हुई है। लैंसडौन क्षेत्र के आसपास पिछले कई दिनों से जंगल धधक रहे हैं। हालात यह हैं कि तमाम प्रयासों के बाद भी वन महकमा आग बुझाने में नाकाम साबित हो रहा है। उधर, धुएं के गुब्बार के कारण ग्रामीणों का दम घुट रहा है। जंगलों में लगी आग से मानव वन्य जीवन संघर्ष का खतरा भी बढ़ गया है।
एक ओर जहां शहर में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं, पहाड़ में भी लगातार पारा चढ़ता जा रहा है। नतीजा, कई हेक्टेयर में फैला चीड़ का जंगल लगातार धधक रहा है। दुगड्डा-गुमखाल के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे धधक रहे जंगल के कारण चारों ओर धुएं का गुब्बार बना हुआ है, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आसपास के गांव में धुएं के कारण लोगों को आंखों से संबंधित समस्याएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आग के कारण कई जानवर जान बचाते हुए आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। जंगल में लगी आग के कारण वन संपदा लगातार खत्म होती जा रही है। कहा कि आग से निजात दिलवाने के लिए वन विभाग को ग्रामीणों को संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए।
जंगली जानवरों का खतरा
रात के अंधेरे में भी जंगल लगातार धधकते हुए दिखाई दे रहे हैं। लैंसडौन के आसपास ग्रामीणों का रात को सोना भी मुश्किल हो गया है। दरअसल, ग्रामीणों को जंगल की आग के आबादी में पहुंचने का भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय ग्रामीण घर से बाहर निकलकर आग को देख रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद भी वन विभाग आग बुझाने की सुध नहीं ले रहा।