हल्द्वानी। उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था बदलने के साथ अब सबसे बड़ा सवाल मदरसों की वास्तविक संख्या को लेकर खड़ा हो गया है। मदरसा बोर्ड ने 452 मदरसों की सूची जारी की थी, जबकि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में इतने मदरसे नहीं हैं। विभाग को केवल उन मदरसों की जानकारी है, जिसे मिड डे मील दिया जा रहा था।
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को मदरसों की जो सूची दी। उसमें हरिद्वार जिले में तहतानिया, फौकानियां, मुंशी-मौलवी एवं आलिम, अरबी-फारसी की मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या 270 दिखाई गई, लेकिन शिक्षा विभाग का कहना है कि इस जिले में मिड डे मील केवल 131 मदरसों को दिया जा रहा था। अन्य मदरसों का विभाग के पास रिकॉर्ड नहीं है।
यही हाल कुछ अन्य जिलों का है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बाकी मदरसे कहां गए ? क्या मदरसे बंद हो चुके हैं ? या फिर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मदरसों की वास्तविक स्थिति कभी जमीन पर जांची ही नहीं गई ? हालांकि विभागीय मंत्री खजानदास का कहना है कि कुछ मदरसे एक कमरे में चल रहे थे। जो अब बंद हो चुके हैं।