-चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को पुलिस ने बनाया सरकारी गवाह, 133 गवाहों के बयान दर्ज
अयोध्या , अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान की राशि में कथित चोरी के मामले में पुलिस ने 73,480 पन्नों का विस्तृत आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को मामले में आरोपी नहीं बनाया है। तीनों को सरकारी गवाह बनाया गया है। आरोप-पत्र में इनके अलावा 130 अन्य लोगों को भी गवाह बनाया गया है। जांच में सामने आया है कि मंदिर के एक कर्मचारी ने सबसे पहले दान की राशि में चोरी का मामला पकड़ा था।
आरोप-पत्र में दर्ज बयानों के अनुसार, मंदिर के गणना कक्ष में कई दिनों से चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। पुलिस की जांच में कथित चोरी में 67 लोगों की संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। चोरी की पहली सूचना चंपत राय तक वीडियो और लिखित संदेश के माध्यम से पहुंची थी।
चंपत राय के बयान के मुताबिक, 4 जून को दिल्ली से अयोध्या लौटते समय आनंद कुमार चौधरी ने उन्हें संदेश भेजकर गणना कक्ष के स्नानघर से बरामद 2.25 लाख रुपये की राशि का वीडियो और लिखित जानकारी भेजी थी। इसके बाद 5 जून को चंपत राय ने अन्य पदाधिकारियों के साथ निगरानी कैमरों के फुटेज की जांच की। इसमें चोरी की 105 घटनाएं सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस के मुताबिक, अविनाश शुक्ला सबसे अधिक 85 बार चोरी करता दिखाई दिया। करुणेश पांडे ने दो बार चोरी की और 68 बार चोरी में सहयोग किया। मनीष यादव पर 16 बार चोरी करने का आरोप है। लवकुश मिश्रा एक बार चोरी करता दिखाई दिया और 52 बार चोरी में मदद करने की बात सामने आई। वहीं, अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार चोरी में सहयोग करने का आरोप है।