जयन्तप्रतिनिधि।
कोटद्वार : वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए रंगों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, भारतीय संस्कृति तथा ‘वंदे मातरम’ की भावना को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रंग-बिरंगी और मनमोहक रंगोलियों ने महाविद्यालय परिसर में सभी का ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न रंगों, आकृतियों और रचनात्मक संयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, रचनात्मकता, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक चेतना की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. एल.आर. राजवंशी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ राष्ट्र एवं संस्कृति के प्रति अपने भावों को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने उत्कृष्ट रंगोली तैयार करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन भी किया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. शिप्रा के साथ डॉ. अर्चना नौटियाल, डॉ. नेहा शर्मा, डॉ. सत्य नंदन भगत, डॉ. दुर्गा रजक, डॉ. सुमन कुकरेती, डॉ. मानसी वत्स सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ एवं राष्ट्रगान के गायन के साथ हुआ।