रानीखेत में सेना भर्ती रैली 15 फरवरी से, कोरोना काल में भर्ती रैली कराना चुनौतीपूर्ण: ब्रिगेडियर भटनागर

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। ब्रिगेडियर राहुल भटनागर डिप्टी डायरेक्टर जनरल रिक्रूटिंग एवं जेडआरओ लखनऊ ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण जनवरी 2019 से भर्ती रैली का आयोजन नहीं किया जा सका। देश के किसी भी राज्य में करोना महामारी के चलते रैली भर्ती का आयोजन नहीं करवाया जा सका, फिर भी सेना ने कोरोना महामारी के खतरों को दरकिनार करते हुए युवाओं के भविष्य को देखते हुए सबसे पहले पौड़ी जिले के कोटद्वार में भर्ती रैली कराने का निर्णय लिया गया। कोरोना काल में भर्ती रैली का सफल आयोजन कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी 15 फरवरी से कुमाऊं मंडल के रानीखेत अल्मोड़ा में भर्ती रैली का आयोजन किया जायेगा। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। मार्च माह के बाद गढ़वाल मंडल में भर्ती रैली के आयोजन की तैयारियां शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में सेना में जाने का जज्बा है।
ब्रिगेडियर राहुल भटनागर डिप्टी डायरेक्टर जनरल रिक्रूटिंग एवं जेडआरओ लखनऊ ने विक्टोरिया क्रॉस गब्बर सिंह कैंप कौड़िया में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में इतनी बड़ी भर्ती रैली का आयोजन करना सबसे बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन के सहयोग से भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। लैंसडौन स्थित सेना भर्ती कार्यालय के भर्ती निदेशक कर्नल विनीत वाजपेयी की पहल पर भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। अब अन्य शहरों में भर्ती रैली शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश में भी भर्ती रैली शुरू की जाएगी। वर्तमान में रैली का आयोजन कराना बहुत जरूरी था। उन्होंने बताया कि भर्ती रैली के दौरान कोविड-19 की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। मास्क, सेनेटाइजर और सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल-कुमाऊं के युवाओं में सेना में भर्ती होने का जज्बा है। यहां के युवा बहुत अधिक संख्या में सेना में जाकर देश की सेवा करते है। ब्रिगेडियर राहुल भटनागर ने कहा कि सेना में भर्ती होने की तैयारी बच्चों को साल भर करनी चाहिए, क्योंकि एक माह की तैयारी के साथ सेना में भर्ती होना संभव नहीं है। अधिकांश युवा भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी होने के बाद तैयारी शुरू करते है। ऐसे में उनका सेना में भर्ती होने का सपना पूरा नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि वैसे तो सेना द्वारा पूरे देश में भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाता है लेकिन उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं में ज्यादा भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाता है, क्योंकि यहां के लोगों में देश के प्रति सेवा की भावना और राज्यों की अपेक्षा कहीं अधिक है और आगामी 15 फरवरी से कुमाऊं के रानीखेत में भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस मौके पर लैंसडौन स्थित सेना भर्ती कार्यालय के भर्ती निदेशक कर्नल विनीत वाजपेयी, एआरओ बरेली विजय राणा आदि मौजूद थे।

दलालों से सावधान रहने की अपील
कोटद्वार। ब्रिगेडियर राहुल भटनागर डिप्टी डायरेक्टर जनरल रिक्रूटिंग एवं जेडआरओ लखनऊ ने युवाओं से दलालों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। कोई भी दलाल किसी भी युवा को भर्ती नहीं करवा सकता है। दलालों के बहकावे में आकर जाली दस्तावेज ना बनायें। भर्ती रैली में जांच प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज गलत पाये जाने पर अभ्यर्थियों को निरस्त किया जाएगा और पुलिस हिरासत में दिया जाएगा। जो कि जाली दस्तावेज के माध्यम से भर्ती होने का प्रयास करेगें। उन्होंने युवाओं से पैसे लेकर भर्ती का झांसा देने वालों की जानकारी तत्काल भर्ती अधिकारी व पुलिस को देने की अपील की। साथ ही अपने मूल दस्तावेज किसी ठगों के हाथ न लगने दें और ना ही किसी को कोई भी धनराशि दें। उन्होंने कहा कि भर्ती रैली पारदर्शिता के साथ होती है।

भर्ती रैली में नौ युवा मिले कोरोना संदिग्ध, स्वास्थ्य विभाग ने किया आइसोलेट
कोटद्वार। सोमवार को उत्तरकाशी और रूद्रप्रयाग जिले की भर्ती के दौरान 9 युवाओं में कोरोना के प्राथमिक लक्षण नजर आये। स्वास्थ्य विभाग की टीम विक्टोरिया क्रॉस गब्बर सिंह कैंप कौड़िया में युवाओं की जांच के लिए तैनात है। इसके अलावा सेना की टीम में वहां तैनात की गई है। भर्ती रैली में भाग लेने वाले अभ्यर्थी जब मैदान में प्रवेश कर रहे तो स्वास्थ्य विभाग की टीम अभ्यर्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रही है। सोमवार को थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान 9 युवाओं में कोरोना के प्राथमिक लक्षण पाये गये। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने कोविड केयर सेंटर कौड़िया में आइसोलेट कर दिया है। ब्रिगेडियर राहुल भटनागर डिप्टी डायरेक्टर जनरल रिक्रूटिंग एवं जेडआरओ लखनऊ ने बताया कि विभिन्न जिलों से भर्ती रैली में शामिल होने आ रहे बच्चों को 48 घंटे के अंदर करोना की नेगेटिव रिपोर्ट लाने के निर्देश दिए गए हैं, जब सुबह युवा मैदान में आते हैं करोना लक्षणों की जांच की जाती है, अगर कुछ लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें अलग कर दिया जाता है।

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