जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : यदि आप झंडाचौक से सिम्मलचौड़ की ओर सफर कर रहे हैं, तो समझ लीजिए आपको इस मार्ग पर मंजिल तक पहुंचने में समय लग सकता है। दरअसल, अतिक्रमण के चलते यह मार्ग इस कदर संकरा हो गया है कि यदि मार्ग में कोई भारी वाहन आ गया, तो घंटों जाम में फंसना तय है। दरअसल, जगह-जगह अतिक्रमण व सड़क पर संचालित हो रहे गैराज आपकी चुनौती बढ़ा सकते हैं। यही नहीं मानपुर-सिताबपुर-पदमपुर को जाने वाला यह मार्ग कई स्थानों पर गलियों के आकार का हो गया है। जहां पर एक साथ दो वाहनों का निकलना भी एक चुनौती है।
झंडाचौक से मानपुर-सिताबपुर-पदमपुर होते हुए सिम्मलचौड़ चौराहे तक पहुंचने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा यह मार्ग पूरी तरह अव्यवस्थाओं के जद में है। झंडाचौक से मार्ग की ओर आगे बढ़ते ही सबसे पहले स्टैंड के नाम पर बेतरतीब तरीके से खड़े आटो नजर आते हैं। नियमों को ताक पर रख यह आटो चालक बीच सड़क पर ही सवारियां भरने लगते हैं। मार्ग संकरा होने के कारण अन्य वाहन चालकों को आटो के आगे बढ़ने का इंतजार करना पड़ता है। इसी से चार कदम आगे सड़क पर भारी वाहनों की मरम्मत चलती रहती है। मरम्मत न भी हो तो भी मरम्मत के नाम पर भारी वाहन लंबी कतारों में खड़े रहते हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वालों को होती है। कुछ दूर पनियाली गदेरे के पुल को पार करते ही सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन आसानी से देखे जा सकते हैं। पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण लोगों का यहां वाहन खड़ा करना मजबूरी ही बन गई है। इसके बाद पदमपुर चौराहे तक मार्ग पूरी तरह संकरा है। यहां कई स्थानों पर दो वाहन एक साथ भी नहीं निकल सकते। आगे-आगे बढ़ने पर सड़क किनारे खड़े विद्युत पोल चुनौती बन रहे हैं। त्योहार व शादी सीजन में चुनौती और अधिक बढ़ जाती है। पदमपुर से सिम्मलचौड़ तक अतिक्रमण व अवैध पार्किंग आमजन की मुश्किलें बढ़ती है।
शिकायत के बाद भी बनी समस्या
झंडाचौक से सिम्मलचौड़ के मध्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय लोग कई बार जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं। लेकिन, अब तक समस्या को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। त्योहार व शादी सीजन में उक्त सड़क पर दबाव अधिक बढ़ जाता है। जिससे सड़क पर घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। मार्ग पर विद्युत पोल को शिफ्ट करने के लिए भी स्थानीय लोग सिस्टम से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन, हालात जस के तस हैं।