सरकार कावड़ यात्रा रखने की परंपरा का पालन करें

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता ने कहा कि संस्कृति के आधार पर ही समाज जीता है परंपरा ही संस्कृति का प्राण है। परंपरा को कानून माना जाता है। वेदकाल से श्रावण मास में भगवान शंकर की उपासना जलाभिषेक यात्रा के रूप में यह हमारा परंपरागत धार्मिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार कावड़ यात्रा रखने की परंपरा का पालन करें।
सतेन्द्र रावत प्रान्तीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल ने उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को प्रेषित ज्ञापन में कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता भारतीय संस्कृति और परंपरा के उपासक समर्थक और रक्षक है। परंपरा के अनुसार सैकड़ों वर्षों से चलने वाली कावड़ यात्रा इस वर्ष 6 जुलाई से प्रथम सोमवार से आयोजित होनी है। जिसके लिए कोरोना संक्रमण को रोकने के स्वास्थ्य संबंधी कदम भी उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कावड़े यात्रियों को अभी से सरकार तहसील केन्द्र पर मोबाइल व्हाटसएप से पंजीकरण करने के लिए व्यवस्था करें, पंजीकृत कावड़ यात्रियों का कोरोना टेस्ट सरकार द्वारा किया जाय, टीम कावड़ यात्रियों को भोजन, चाय, जलपान और निवास की सेवा देने वाले सेवा संस्थान का भी पंजीकरण करके उन सेवा कैंपों में सेवार्थियों का भी कोरोना टेस्ट भी किया जाय, जिनका कोरोना टेस्ट निगेटिव है उन्हें कावड़ यात्रा में या कावड़ यात्रियों की सेवा में सम्मिलित होने की अनुमति देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में श्रीमती चन्द्रकला चौहान, देवेन्द्र कुमार सूरी, शशिकान्त जोशी, अरूण कुमार द्विवेदी, श्रीमती करूणा डबराल, प्रदीप डबराल आदि शामिल थे।

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