सरकार की दोहरी नीति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड ने ऑनलाइन बैठक के जरिये सरकार की दोहरी नीतियों का
विरोध किया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों को माफ और राज्य कर्मचारियों को देना होगा नई
पेंशन योजना के बढ़े हुए चार प्रतिशत अंशदान पर कर। सरकार की दोहरी नीति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की
जायेगी।
सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी रावत की अध्यक्षता में उत्तराखंड के प्रदेश कार्यकारिणी सहित जनपदों के
संयोजको की बैठक की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में आयकर विभाग ने सरकार द्वारा
बढ़ाये गए 4 प्रशित एनपीएस अंशदान पर राज्य कर्मियों से टैक्स वसूलना प्रारम्भ कर दिया है। वहीं केंद्रीय कर्मचारियों
को इससे मुक्त रखा गया है। आयकर के सम्बन्ध में राजकीय कर्मचारियों व केंद्रीय कर्मचारियों में भेदभाव किया जा रहा
है। राज्य कर्मचारियों ने वर्षभर अंशदायी पेंशन योजना के जिस 4 प्रतिशत अंशदान के बढ़ने का जश्न मनाया आज
आयकर आंगणन भरते समय सीए द्वारा उस 4 प्रशित राजकीय अंशदान पर ब्याज सहित टैक्स के लिए चालान लगाना
पड़ रहा है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों को इससे मुक्त रखा गया है। मात्र राज्य कर्मियों के साथ ऐसा हो रहा है। इसके
साथ ही वो अंशदान जो फरवरी माह तक वेतन स्लिप में नहीं दिखाया उसके बाद से वेतन बिल में नजर आ रहा है।
आयकर आंगणन करने व शेष आयकर फरवरी माह के वेतन के साथ चुकाते समय वेतन बिल में राजकीय अंशदान न
दिखाने की वजह से कर्मचारियों द्वारा इसका आयकर आंगणन नहीं किया गया। लॉकडाउन में अपने साथ हो रहे अन्याय
से कर्मचारी भिज्ञ नहीं हैं। यदि इस भेदभाव पर शीघ्र संशोधन नहीं लाया गया तो कर्मचारियों को इस अन्याय के लिए
सड़कों पर आना पड़ेगा। बैठक में मिलेंद्र बिष्ट प्रदेश, अनिल बडोनी, निशा चौहन, सौरव नौटियाल, जसपाल रावत, जयदीप
रावत, सीताराम पोखरियाल, निर्मला थापा, कविता कोटनाला आदि मौजूद थे।

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