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सतपाल महाराज द्वारा नियमों का उल्लंघन करने के मामले में हुई सुनवाई

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नैनीताल। हाईकोर्ट ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना वायरस से बचने के लिए जारी केंद्र सरकार के गाइड लाइनों का उल्लंघन करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से दो सप्ताह में प्रतिशपथपत्र पेश करने को कहा है। कार्यवाक मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति रवि कुमार मलिमथ व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खण्डपीठ में मामले की सुनवाई हुई। पूर्व में कोर्ट ने टिप्पणी कर कहा था कि जब आम जनता नियमों का उल्लंघन करती है तो उनपर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोग उलंघन कर रहे हैं तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।देहरादून निवासी उमेश कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के घर पर डीएम देहरादून व सीएमओ ने नोटिस चस्पा कर 20 मई से तीन जून तक क्वरेंटाइन में रहने को कहा था,परंतु कैबिनेट मंत्री द्वारा नोटिस का उल्लंघन करते हुए कैबिनेट की दो अहम बैठकों में भाग लिया और क्वारंटीन होने की जानकारी कैबिनेट से छिपाई । जिसकी वजह से कैबिनेट के सभी सदस्यों को क्वारंटीन होना पड़ा। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब आम आदमी पर क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करने पर राज्य सरकार लगातार मुकदमे दर्ज करा रही है तो महाराज के खिलाफ अभी तक नियमों के उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया। याचिकाकर्ता ने महाराज पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रार्थना की है।

रूस की कोरोना वैक्सीन को 10 अगस्त तक मिल सकती है मंजूरी
नई दिल्ली, एजेंसी।भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से जिस चीज का ज्यादातर लोगों को इंतजार है, वह वैक्सीन है। वैक्सीन को लेकर अब रूस से एक अच्छी खबर सामने आई है। रूस ने 10 अगस्त तक दुनिया की पहली कोरोना वायरस की वैक्सीन को मंजूरी देने की योजना बनाई है। वैक्सीन के मंजूरी मिलने के तीन-चार दिन बाद संस्थान बाजार में वैक्सीन उतार सकता है। सूत्रों ने बताया, श्पंजीकरण के दस्तावेज 10-12 अगस्त तक तैयार हो जाने चाहिए। इसके बाद बाजार में इसके 15-16 अगस्त तक उतरने की संभावना है। एक न्यूज चौनल ने बताया कि रूस 10 अगस्त तक वैक्सीन को मंजूरी देने की योजना बना रहा है, जिसे मस्को स्थित गामालेया महामारी संस्थान केंद्र ने बनाया है।
सोवियत संघ द्वारा दुनिया के पहले उपग्रह के साल 1957 के प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए, रूस के संप्रभु धन कोष के प्रमुख, किरिल दिमित्री ने कहा था कि यह एक स्पूतनिक क्षण है। रूस का संप्रभु धन कोष वैक्सीन के लिए वित्तपोषण कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब स्पूतनिक के बारे में अमेरिका ने सुना तो वह हैरान था। इस वैक्सीन के साथ भी ऐसा ही होना जा रहा है।

हाईकोर्ट ने सचिव आबकारी को अवमानना नोटिस जारी किया
नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य में मद्य निषेध नीति बनाकर लागू नहीं करने के मामले में सुनवाई करते हुए सचिव आबकारी को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ में गरुड़ (बागेश्वर) निवासी अधिवक्ता डीके जोशी की अवमानना याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि कोर्ट ने छह माह के भीतर मद्यनिषेध पर आबकारी अधिनियम की धारा 37 (क) के प्रावधानों के क्रियान्वयन कर नीति बनाए जाने का अहम फैसला दिया था।
इस सम्बंध में याचिकाकर्ता द्वारा मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन, सचिव आबकारी व आयुक्त आबकारी को 19 सितंबर 2019 को हाई कोर्ट के निर्णय की कपी भेज दी गयी थी लेकिन अभी तक सरकार ने निर्देशों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने मद्यनिषेध हेतु चरणबद्घ तरीके से पूर्ण शराबबंदी हेतु नीति बनाने, दुकान व बार रेस्टोरेंट में आईपी पता, सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी आदेश दिए गए थे। 21 वर्ष से कम आयु वाले को शराब खरीदने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश जारी किए गए थे। इसके साथ ही बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री, पूर्णागिरी, रीठा साहेब, हेमकुंड साहेब व नानकमत्ता में शराब बंदी लागू करने की मांग की थी। याचिका में सचिव आबकारी व आयुक्त आवकारी को पक्षकार बनाया गया है।

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