जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : श्रावण मास के पावन अवसर पर निंबूचौड़ में सार्वजनिक शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
निंबूचौड़ चौराहे से कथा स्थल तक निकाली गई कलश यात्रा में ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजन-कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों पर श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ झूमते नजर आए। कथा के प्रथम दिवस आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा ने शिव महापुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश देने वाला दिव्य जीवन-दर्शन है। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण और मनन करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है, मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। आचार्य ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। इस माह में विधि-विधान से शिव पूजा, रुद्राभिषेक और शिव महापुराण कथा श्रवण का विशेष महत्व है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता नेगी, हिम्मत सिंह नेगी, कैप्टन सुरेश चंद्र कुकरेती, पंडित देवेंद्र ध्यानी, अमित बड़ोला, जानकी देवी, सुनीता देवी, सुषमा डोबरियाल, शाकंबरी देवी, लक्ष्मी रावत, रजनी देवी, अनीता बलोदी, दीपा काला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।