श्रीबालाजी मंदिर में धूमधाम से मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव, राधा-कृष्ण के श्रीविग्रह की मंगला झांकी रही आकर्षण का केन्द्र  

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते अपने घरों में ही धूमधाम के साथ श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई। इस दौरान कहीं भी किसी तरह की झांकी नहीं निकाली गई। इसके बावजूद भक्तों में उल्लास देखा गया। उधर मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भक्ति भाव के साथ श्री कृष्ण के जयकारों की भजन आरती का अनुष्ठान किया गया। मंदिरों में लोग भगवान कृष्ण की आराधना में लगे रहे।
श्रीबालाजी मंदिर सेवक समिति कोटद्वार द्वारा श्रीबालाजी मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। छोटे-छोटे बच्चे भगवान श्री कृष्ण, राधा रानी, सुदामा के स्वरूपों की वेशभूषा में मंदिर में दर्शन किये व भजनों पर सुंदर नृत्य किया। शहर के श्रीबाला जी मंदिर में रात आठ  बजे जन्मोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान मंदिर समिति द्वारा भजन कीर्तन किया गया और देर रात तक शहर में उत्साह का माहौल रहा।
मंदिर समिति के सदस्य सुशील भाटिया ने बताया कि मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर को फूलों व बिजली की आकर्षक झालरों द्वारा सजाया गया। सुबह से ही मंदिर में भक्तजनों का आवागमन रहा। सायंकालीन आरती के बाद स्थानीय कलाकार दिनेश ऐलावादी, सुशील भाटिया, अमन अग्रवाल, दीपक कुमार, सागर राजपूत आदि द्वारा भजनों की सुन्दर प्रस्तुतियां दी गयी। तत्पश्चात भगवान का अभिषेक किया गया। भगवान श्री कृष्ण जन्म हुआ भगवान की आरती करके भोग लगाया गया। इस अवसर पर श्री बालाजी मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंघल, मंदिर के संस्थापक दिनेश ऐलावादी, महंत कमल अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, सुशील भाटिया, अमन, दीपक, सागर, राजेश, साहिल, वीना ऐलावादी, सुनीता भाटिया, रीटा भाटिया, शैलका ऐलावादी, छवि, पंड़ित जानकी द्विवेदी, पंड़ित रमेश कपरवाण, पंड़ित मुकेश बलोदी, पंड़ित शिवम ध्यानी आदि उपस्थित थे।
राधा-कृष्ण के श्रीविग्रह की मंगला झांकी रही आकर्षण का केन्द्र 
बुधवार को उदयव्यापनी अष्टमी तिथि को श्री गीता भवन गोविंद नगर कोटद्वार में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया गया। भगवान राधा-कृष्ण के श्रीविग्रह की मंगला झांकी, भोग झांकी व संध्या झांकी का श्रृंगार किया गया। रात्रि 12 बजे भगवान का जन्म मनाया गया। इस अवसर पर कोविड महामारी का विशेष ध्यान रखते हुए सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई। मंदिर में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किये।

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