विद्यालयों के विलय के विरोध में शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय शिक्षक संघ ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमसौड़ और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) दुगड्डा के प्रस्तावित विलय का विरोध तेज कर दिया है। जिला कार्यकारिणी ने इस संबंध में प्रांतीय नेतृत्व को पत्र भेजकर दोनों विद्यालयों को पूर्ववत संचालित रखने की मांग उठाई है।
जिलाध्यक्ष भवान सिंह नेगी और जिला मंत्री बिजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि आमसौड़ विद्यालय में 51 तथा जीजीआईसी दुगड्डा में 50 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद दोनों विद्यालयों का राजकीय इंटर कॉलेज दुगड्डा में विलय कर विद्यार्थियों को आठ से दस किलोमीटर दूर पढ़ाई के लिए भेजना उचित नहीं है। उनका कहना है कि इससे छात्र-छात्राओं का समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि आमसौड़ विद्यालय में जमरगड्डी, झवाणा, सुनार गांव और आमसौड़ के बच्चे पढ़ने आते हैं। विद्यालय के विलय की स्थिति में इन विद्यार्थियों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। बरसात के मौसम में दुगड्डा-कोटद्वार मार्ग पर भूस्खलन और पहाड़ियों से बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा क्षेत्र में हाथी और गुलदार की सक्रियता भी बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षक संघ ने कहा कि जब विद्यालयों में पर्याप्त छात्र संख्या मौजूद है तो उन्हें बंद कर दूसरे विद्यालय में विलय करने का औचित्य समझ से परे है। संघ ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें पर्याप्त छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद नहीं किए जाने की बात कही गई थी। संघ ने सरकार से विलय के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए दोनों विद्यालयों का संचालन पूर्ववत रखने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा।

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