कोटद्वार-पौड़ी

नदी की भेंट चढ़ रहा रास्ता, विभाग को बजट का इंतजार

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सुखरो नदी के बहाव में बह रहा सिम्मलचौड़ से सत्तीचौड़ को जाने वाला मार्ग
शिकायत के बाद भी जिम्मेदार विभाग ने नदी के किनारे नहीं बनाई सुरक्षा दीवार
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: सिम्मलचौड़ से सत्तीचौड़ को जाने वाला रास्ता लगातार सुखरो नदी की भेंट चढ़ रहा है और जिम्मेदार विभाग बजट का इंतजार कर रहा है। हालत यह है कि कई फुट चौड़ा रास्ता अब केवल पैदल चलने लायक ही बचा हुआ है। यही नहीं नदी के उफान पर आने से काश्तकारों की भूमि पर भी कटाव हो रहा है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार विभाग समस्या को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा।
सिम्मलचौड़ को सत्तीचौड़ से जोड़ने के लिए सुखरो नदी के किनारे से संपर्क मार्ग बना हुआ है। गत वर्ष बरसात के दौरान नदी उफान पर आने से संपर्क मार्ग का अधिकांश हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया था। ऐसे में पूरे वर्ष स्थानीय लोग सपंर्क मार्ग को बेहतर बनाने व नदी के किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण करवाने के लिए अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटते रहे। लेकिन, किसी ने भी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। नदी इस वर्ष बरसात में दोबारा नदी उफान पर आने से बचा हुआ संपर्क मार्ग भी नदी की भेंट चढ़ रहा है। सिम्मलचौड़ निवासी पुष्पा देवी, मोनिका देवी ने बताया कि विभाग लंबे समय से बजट आने के बाद ही मार्ग मरम्मत व सुरक्षा दीवार निर्माण करवाने की बात कह रह है। मार्ग पर केवल पैदल चलने तक की ही जगह बची हुई है। नदी जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आबादी क्षेत्र को बाढ़ से खतरा हो सकता है।

लगातार होता रहा अवैध खनन
सुखरो नदी में रीवर ट्रेनिंग के नाम पर लगातार अवैध खनन का खेल चलता रहा। जिससे कारण नदी का रूख आबादी की ओर होने लगा है। सत्तीचौड़ क्षेत्र काश्तकारों की भूमि पर कटाव का कारण अवैध खनन ही है। बाजवूद इसके सरकारी सिस्टम नदी में होने वाले अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

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