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आ रहा है वंदे भारत ट्रेन का स्लीपर वर्जन, एलुमिनियम के बने होंगे कोच, रफ्तार भी रहेगी तेज

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नई दिल्ली, एजेंसी। रेल में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में अब जल्द ही वंदे भारत एक्सप्रेस का अपडेट वर्जन पटरियों पर दौड़ता हुआ नजर आएगा। रेल मंत्रालय के मुताबिक, मार्च 2024 तक वंदे भारत का स्लीपर वर्जन बनकर तैयार हो जाएगा। लंबी दूरी की यात्रा के इन नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों को उपयोग में लाया जाएगा। ट्रेनों में स्लीपर वर्जन भी चेयर कार की तरह ही बेहद खास होगा।
मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, वंदे भारत ट्रेनों के स्लीपर कोच एलुमिनियम के बनाए जाएंगे। इन कोचों को 220 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार के हिसाब से चलने के लिए तैयार किया जाएगा। हालांकि जबकि पटरी पर ये ट्रेन 200 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से ही दौड़ेगी। इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री समेत सभी फैक्टरियों में उत्पादन की तैयारी हो रही है। इसके आलावा सप्लाई चेन, इंजीनियरिंग, फैक्टरी आदि को भी तैयार किया जा रहा है। वंदे भारत ट्रेन से हर राज्य को जोड़ना पहला टारगेट है। औसतन आठ दिन में दो गाड़ी का उत्पादन का टारगेट रखा गया है।
हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि पांच सौ किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए मंत्रालय वंदे भारत में स्लीपर की भी योजना पर मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है। बहुत जल्द यात्री वंदे भारत लोग स्लीपर क्लास का भी आनंद उठाएंगे। इसके अलावा जून के अंत तक पूरे देश को वंदे भारत से जोड़ दिया जाएगा। मंत्रालय 400 वंदे भारत का संचालन करेगा। 400 नई वंदे भारत का काम तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में आईसीएफ, चेन्नई में इसका निर्माण किया जा रहा है। अगले चरण में एमसीएफ, रायबरेली में वंदे भारत बनाने की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा, लातूर रेल फैक्टरी और बीएचईएल में वंदे भारत बनाई जाएंगी। जिससे अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत दौड़ने लगेंगी और शेष को रिकॉर्ड समय में बना लिया जाएगा।
इस बीच रेलवे ने देहरादून-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन का संभावित शेड्यूल जारी कर दिया है। 28 मई से ट्रेन विधिवत शुरू हो जाएगी। यह बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन सुबह सात बजे चलेगी। संयुक्त निदेशक (कोचिंग) रेलवे बोर्ड विवेक कुमार सिन्हा ने बताया कि देहरादून और दिल्ली के बीच ट्रेन के केवल पांच स्टॉपेज होंगे। इनमें हरिद्वार, रुड़की, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ शामिल हैं। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। वहीं, औसत रफ्तार 63.41 तय की गई है। ट्रेन का किराया भी जल्द निर्धारित किया जाएगा। बताया जा रहा है किराया शताब्दी एक्सप्रेस से 1.2 से 1.3 फीसदी अधिक हो सकता है।
वंदे भारत देहरादून से चलने वाली सबसे तेज ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस से एक घंटे कम समय में दिल्ली पहुंचाएगी। हालांकि, शताब्दी एक्सप्रेस को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक चलाया जाता है। जबकि, यह ट्रेन आनंद विहार तक ही जाएगी। यह ट्रेन यात्रा में चार घंटे 45 मिनट लेगी। दून से सुबह सात बजे चलकर वंदे भारत आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर सुबह 11.45 बजे पहुंचेगी। वंदे भारत को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से धीमी गति से पास कराया जाएगा।

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