श्रीनगर गढ़वाल : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र की ओर से आयोजित नरेंद्र संगीत सप्ताह के दूसरे दिन रुद्रप्रयाग, देहरादून, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर और पैठाणी के गायकों ने अपने सुंदर गायन से श्रोताओं का मन मोहा। गायकों ने बड़ी संजीदगी के साथ नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों को प्रस्तुत किया। आयोजन के दूसरे दिन समारोह का शुभारंभ करते हुए बुद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्ध तीर्थस्थलों के प्रसिद्ध जानकार जगदीश चमोला ने कहा कि लोक संस्कृति के क्षेत्र में यह आयोजन बहुत महत्वपूर्ण है। लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं में लोक संस्कृति की संवेदना को स्थापित करने में सफल होगा। इस मौके पर बिहार के एक छात्र सौरभ राज ने नरेंद्र सिंह नेगी की रचना जौ जस देई दैणु ह्वे जैई गीत गाकर श्रोताओं का मन मोह दिया। रुद्रप्रयाग से गायक मनमोहन सिंह कपरवाण दूर चलिगे माना अब तू आसमान ह्वे गेई गाया। लाजवंती (कोटद्वार), पूजा ध्यानी अमोली (देहरादून), अरुण भट्ट (पैठाणी), होशियार सिंह (कल्जीखाल), निधि डुंगरियाल, अल्का आर्य और अनुष्का विलियम (श्रीनगर), विवेक नौटियाल ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं। गायकों को प्रशस्तिपत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान करते हुए प्रसिद्ध चित्रकार और कवि जय कृष्ण पैन्यूली माटी ने कहा कि यह आयोजन राज्य की लोक-संस्कृति को अपना सर्वोच्च योगदान करने वाले लोकगायक गीतकार नरेंद्र सिंह नेगी के प्रति सम्मान के भाव को स्थापित करता है। (एजेंसी)