नई टिहरी()। नई टिहरी-चंबा सड़क पर वन विभाग के रेंज कार्यालय के समीप दो वर्ष पूर्व फायर सीजन के दौरान डाइजर के जंगल में लगी आग की तीव्रता के कारण कई पेड़ बुरी तरह से झुलस गए थे जो अब पूरी तरह से सूख चुके हैं। लोगों के लिए खतरा बन चुके इन पेड़ों को हटाने कि दिशा में वन विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है।जिला मुख्यालय से सटे डाइजर के जंगलों में दो वर्ष पूर्व भयानक आग लगी थी। तेज हवा चलने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। आग ने सड़क के किनारे के कई पेड़ों को एक साथ अपनी चपेट में ले लिया था। वन विभाग के अधिकारियों ने इसे क्रॉउन फायर बताया था। आग के कारण पेड़ के ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जल गए था, जिसके बाद पेड़ धीरे-धीरे पेड़ सूख गए। कई पेड़ सूखने के बाद अब तिरछे हो चुके हैं। ऐसे में यदि जंगल में फिर से आग लगी तो पेड़ों के जलकर सड़क पर गिरकर टूटने की अधिक संभावना बनी है। दिनभर सड़क पर वाहन, स्कूली बच्चों और लोगों की पैदल आवाजाही रहती है। सुबह और शाम के समय नगर के लोग इसी सड़क पर पैदल घूमने के लिए निकलते हैं। विभागीय अधिकारी भी रोज इसी सड़क से आवाजाही करते हैं लेकिन उनकी नजर सूख चुके इन पेड़ों पर नहीं जाती है। वन विभाग का रेंज कार्यालय सड़क के दूसरी ओर स्थित है लेकिन वह इन्हें अनदेखा करते रहते हैं। वर्तमान में फायर सीजन होने के कारण जंगल में कभी भी आग भड़क सकती है, ऐसे में ये सूखे पेड़ तेजी से आग पकड़ लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं।
सड़क के किनारे सूख पेड़ों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा। गिरने और खतरा बन चुके सभी पेड़ों को हटाने का काम किया जाएगा। -प्रदीप चौहान, रेंज अधिकारी नई टिहरी ।