जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : डॉ. जयप्रकाश कंडवाल की 50वीं जयंती के अवसर पर ग्राम्य एकता प्रगति प्रेमांजलि समागम समिति द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए समाज सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कंडवाल ने शिक्षा, संगठन और समाज हित के कार्यों के माध्यम से जो प्रेरणा दी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बनी रहेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. चंद्रमोहन बड़थ्वाल ने की। दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान श्रीमद् भगवतगीता के 11वें अध्याय ‘विश्वरूप दर्शन योग’ का पाठ भी किया गया। डॉ. रमाकांत कुकरेती ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. कंडवाल ने अल्प आयु में ही समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. बड़थ्वाल ने कहा कि मात्र 32 वर्ष की आयु में डॉ. कंडवाल ने समाज को नई सोच और दिशा देने का कार्य किया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। इस अवसर पर रामभरोसा कंडवाल, मनमोहन काला, जगत सिंह नेगी, अनुराग कंडवाल, नंदन सिंह नेगी, राजीव नेगी, सोम प्रभा कंडवाल, रेखा ध्यानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।