ज्योतिर्मठ। हेमकुंड साहिब के सामने स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट रविवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। सुबह सवा सात बजे पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट बंद किए गए। अब अगले वर्ष ग्रीष्मकाल में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। समुद्रतल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर इन दिनों बर्फ से ढका हुआ है। कड़ाके की ठंड के बीच मंदिर के पुजारी मनीष पांडे ने सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। शनिवार को ही हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। मंदिर के पुजारी मनीष पांडे ने बताया कि मान्यता है कि भगवान लक्ष्मण ने शेषनाग के रूप में यहां तपस्या की थी। शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर मंदिर के कपाट बंद किए गए। इस दौरान मयंक चौहान, रूपेश चौहान और बसावर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
हेमकुंड साहिब क्षेत्र में पसरा
सन्नाटा, लौटने लगे सेवादार
ज्योतिर्मठ। हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद होने के बाद घाटी में सन्नाटा पसरने लगा है। वहीं पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है। करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढका हुआ है। कड़ाके की ठंड के बीच यहां का नजारा विहंगम बना हुआ है।