जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल है। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने प्रभावित गिवईस्रोत क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और वन विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहते हुए नियमित गश्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आबादी में जंगली जानवरों के प्रवेश की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और सुरक्षित तरीके से जानवरों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास करे। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही रोकने के लिए एक प्रभावी और दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी। इन दिनों लैंसडौन वन प्रभाग से लगे क्षेत्रों, विशेषकर ग्रास्टनगंज और गिवईस्रोत में हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। शाम होते ही हाथी आबादी में प्रवेश कर फसलों, संपत्ति और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले दस दिनों से स्थानीय लोग इस समस्या से परेशान हैं। चार दिन पहले एक हाथी ने क्षेत्र के शिव मंदिर की दीवार तोड़ दी थी और मंदिर परिसर में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। स्थानीय लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि हाथियों के अलावा गुलदार का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। गुलदार आए दिन पालतू कुत्तों को अपना शिकार बना रहा है, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। उन्होंने वन्यजीवों की आबादी में घुसपैठ रोकने के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने कहा कि हाथियों एवं अन्य जंगली जानवरों की समस्या के समाधान के लिए वन विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर व्यापक कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने जंगल से सटे क्षेत्रों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि रात के समय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।