देहरादून। विश्व हिंदू परिषद की सबसे बड़ी चिंता हिंदुओं की जनसंख्या को लेकर है। विहिप ने संकल्प लिया है कि संगठन हिंदुओं को जगाने का अभियान चलाएगा। हिंदू समाज में अब एक बच्चे का चलन छोड़कर दो से तीन बच्चे होने चाहिए। विश्व हिंदू परिषद ने इस विषय को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में इस पर संत समाज ने निर्णय लिया है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव दंडी स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने हिंदुओं में घटती प्रजनन दर और जनसांख्यिकीय बदलावों पर चिंता जताई। कहा, विहिप का चिंतन केवल मंदिर, तीर्थ और धार्मिक प्रतीकों तक सीमित नहीं। वह समाज की संरचना, परिवार की अवधारणा और भविष्य के भारत की जनसंख्या तस्वीर तक अपना विस्तार कर रहा है।