उत्तराखंड

आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

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अल्मोड़ा। रानीखेत में छात्रसंघ चुनावों के बाद दो गुटों में हुए संघर्ष का मामला अब तक शांत नहीं हुआ है। दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने दोतरफा मुकदमा दर्ज किया है। इधर, सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रकरण को संघेय श्रेणी का अपराध करार देते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। गत शनिवार को छात्रसंघ चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद रात अध्यक्ष पद के विजेता-पराजित प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच गुटीय संघर्ष हो गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट, अपहरण, एससी सएसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुदमा दर्ज कराया। इधर, सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा कि छात्रसंघ चुनाव में 55 साल से अधिक आयु के लोगों द्वारा छात्रों के साथ मारपीट करने, लड़कों का अपहरण करने, अनुसूचित जाति के लड़कों से जातिसूचक शब्दों प्रयोग करने व लूटपाट जैसे अपराध संघेय अपराध की श्रेणी में आते हैं। इसमें तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। लेकिन संगीन जुर्म में पुलिस ने 24 घंटे बाद तक एफआईआर नहीं की। एफआईआर होने के बाद पुलिस जांच अधिकारी सीओ के आने के बाद ही विवेचना शुरू करने की बात कर रही है। इससे आने वाले समय में अपराधों को बढ़ावा मिलेगा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को धरने में बैठने के साथ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष महेश आर्या, ब्लक अध्यक्ष गोपाल सिंह देव, नगर उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार, अतुल जोशी, एडवोकेट ललित मोहन आर्या, पंकज गुरुरानी, सोनू सिद्दीकी आदि शामिल रहे।

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