पश्चिमी मेदिनीपुर ,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बंगाल में युवा परेशान हैं, किसान हताश हैं और उद्योग-धंधे ठप हो गए हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल) सरकार का ध्यान केवल तुष्टीकरण पर है। योगी ने चिलचिलाती धूप में भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते हुए कहा कि रेत, कोयला, ज़मीन और पशु माफिया बंगाल का शोषण कर रहे हैं, जबकि “ममता दीदी को केवल ‘जय श्री रामÓ के नारे से परेशानी होती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों से पहले अशांति फैलती है और जुलूसों पर पत्थरबाज़ी की जाती है।
उन्होंने वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का ज़िक्र करते हुए कहा, “पहले ‘जय श्री रामÓ का नारा लगाने पर लाठीचार्ज और यहाँ तक कि गोलीबारी भी होती थी, लेकिन अब भगवान राम के भक्तों का स्वागत किया जाता है।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “न कर्फ्यू, न दंगा” मॉडल पर चलता है, माफिया और गुंडागर्दी से मुक्त है, और अपराधियों के खिलाफ बुलडोज़र का इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पिंगला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए कहा कि पिंगला का अर्थ “भगवा” है, और यहाँ की मिट्टी आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने बंगाल के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत ने इस ज़मीन को सोना उगलने वाला बनाया है और देश का पेट भरा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत में पहली बार कोई आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी है।
उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल और इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाया कि उन्होंने 60 से ज़्यादा वर्षों तक शासन किया, लेकिन अनुसूचित जातियों और जनजातियों के उत्थान के लिए कोई काम नहीं किया। साथ ही उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर का अपमान करने और बंगाल में राष्ट्रपति प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया और कहा कि भारत की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।
श्री योगी ने कहा, “इन पार्टियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति जैसा बर्ताव दिखाया, वैसा ही संसद सत्रों के दौरान भी देखने को मिला।” उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2029 तक महिला आरक्षण अधिनियम लागू करना चाहते थे, वहीं इन पार्टियों ने इसे पारित होने में बाधा डाली। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों का अपमान करना इनकी आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि अब लोग भ्रष्टाचार और दुराचार में डूबी सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि बैरकपुर से उठी चिंगारी ने ही स्वतंत्रता के पहले संग्राम को प्रज्वलित किया था। इसी धरती पर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की रचना हुई थी। स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गुरू रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, खुदीराम बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों के नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल ने ऐतिहासिक रूप से राष्ट्र को नेतृत्व प्रदान किया है और अब इसे तृणमूुल की अराजकता से मुक्त कराया जाना चाहिए।