जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : निंबूचौड़ में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा व्यास आचार्य राकेश लखेड़ा ने कहा कि शिवमहापुराण अमृत के समान है। इसके श्रवण से मनुष्य को आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन जीने की नई दिशा प्राप्त होती है।
आचार्य लखेड़ा ने कहा कि इस संसार में विष और अमृत दोनों विद्यमान हैं। मनुष्य के सामने यह विकल्प होता है कि वह किस मार्ग का चयन करता है। उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण की कथा मनुष्य को अमृततुल्य ज्ञान प्रदान करती है, जिससे जीवन के दु:ख, तनाव और भ्रम दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने जीवन में अनेक कष्ट और संघर्ष रूपी विष को सहन किया, तभी उन्हें ज्ञान और सत्य रूपी अमृत की प्राप्ति हुई। इसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का धैर्य पूर्वक सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निंदा, कटु वाणी, क्रोध और द्वेष भी विष के समान हैं, जिनसे दूर रहकर प्रेम, सद्भाव और मधुर व्यवहार को अपनाना चाहिए। भगवान शिव के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए आचार्य लखेड़ा ने कहा कि शिव की आराधना से मनुष्य के भीतर सकारात्मक परिवर्तन आता है। भगवान शिव अपने भक्तों के दु:खों का निवारण करते हैं और उन्हें संयम, धैर्य तथा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवमहापुराण का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित किया। पूरा पांडाल भगवान शिव के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर रहा। इस मौके पर पूर्व काबीना मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व महापौर हेमलता नेगी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता नेगी, प्रवीन थापा, सुरेश कुकरेती, रीना देवरानी, सरिता थपलियाल, हिमाचल सिंह नेगी, सुमन देवी, दीपा, लक्ष्मण सिंह नेगी, आशा देवी आदि मौजूद रहे।