हरिद्वार। गंगा दशहरा पर्व पर लालढांग क्षेत्र के गेंडीखाता स्थित प्राचीन सिद्धकुटी आश्रम में आयोजित पारंपरिक दो दिवसीय मेले में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भीषण गर्मी और तेज लू के बावजूद उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश और हरियाणा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिद्धपीठ पहुंचकर पूजा-अर्चना करते नजर आए। भक्तों ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि और पशुधन की रक्षा की कामना की। गंगा अवतरण दिवस और ज्येष्ठ मास के अवसर पर लगने वाला सिद्धकुटी मेला क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में शामिल है। सोमवार को बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर समेत सीमावर्ती जिलों से हजारों श्रद्धालु मेले में पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने गुड़, प्रसाद और अन्य सामग्री चढ़ाकर मत्था टेका। स्थानीय मान्यता के अनुसार ग्वाले और किसान अपने पशुओं और खेती-बाड़ी से जुड़े जानवरों की सुरक्षा और खुशहाली की कामना के लिए सिद्धकुटी में पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार श्रद्धालुओं का पहुंचना मेले से दो दिन पहले ही शुरू हो गया था, जिससे क्षेत्र में लगातार भीड़ बनी रही। सिद्धकुटी आश्रम के महंत बालक दास ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला। भीड़ को देखते हुए हैंडपंप और टैंकरों से पेयजल व्यवस्था कराई गई, जबकि अन्य व्यवस्थाओं में प्रशासन का सहयोग मिला। वहीं, एसओ नितेश शर्मा ने बताया कि मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया था। पूरे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।