देहरादून। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना दून के एक कारोबारी को भारी पड़ गया। फेसबुक पर बनी एक महिला मित्र ने ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक सुनार से 33 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली। पीड़ित की तहरीर पर डालनवाला कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर डालनवाला संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि संतोष जाधव पेशे से सुनार हैं। संतोष ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए एसबीआई से 48 लाख रुपये की सीसी लिमिट बनवाई थी। इसी बीच अगस्त 2025 में उनके फेसबुक अकाउंट पर अवनी राठौर नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई और जल्द ही युवती ने कारोबारी का भरोसा जीत लिया। कुछ दिनों बाद अवनी ने संतोष को ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसे लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसके सुनियोजित झांसे में आकर संतोष ने 15 सितंबर 2025 से 29 अक्टूबर 2025 के बीच कई किश्तों में कुल 33 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने यह रकम आरटीजीएस और एनईएफटी से शाफिक अली सहित कई अन्य अज्ञात लोगों के बैंक खातों में मंगवाई। रकम उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल की बैंक शाखाओं में ट्रांसफर हुई। जब इतनी बड़ी रकम निवेश करने के बाद भी कोई रिटर्न नहीं मिला और महिला ने और पैसों की मांग की तब कारोबारी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने एसएसपी देहरादून को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के निर्देश पर शनिवार को डालनवाला कोतवाली में आरोपी अवनी राठौर और अन्य खाताधारकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि दर्जनों बैंक खातों की डिटेल और ट्रांजेक्शन आईडी के आधार पर साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।