नई टिहरी। जिला मुख्यालय स्थित सी ब्लॉक टाइप-3 आवासीय परिसर की सुरक्षा दीवार का निर्माण धीमी गति से होने के कारण भवन संख्या-4 में रह रहे तीन परिवारों को खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भवन खाली कराकर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता ने बताया कि भारी बारिश के मद्देनजर संवेदनशील भवन पर खतरे का चिह्न लगाया गया है। ठेकेदार को ढाल पर तिरपाल व रेत के थैलों से सुरक्षा व्यवस्था करने व पुलिस को बैरिकेडिंग कर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने लोक जीवन व सुरक्षा को उत्पन्न खतरे के मामले में पुलिस को जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। भवन स्वामी बलवीर सिंह नेगी और सतीश उनियाल ने प्रशासन एवं पुनर्वास विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में भी खतरे से अवगत कराया गया था। बताया कि भवन उनका स्थायी आवंटित आवास है और फिलहाल वे मजबूरी में पूर्व मंत्री दिनेश धनाई के मकान में शरण लिए हुए हैं जबकि उनका सामान अभी भी भवन में रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूखदारों को भूमि आवंटन किए जाने से कॉलोनी की सुरक्षा खतरे में पड़ी है। निरीक्षण के दौरान एडीएम शैलेंद्र नेगी, खनन अधिकारी रवि नेगी और आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट भी मौजूद रहे।