जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : दाईं खोह नहर पर मरम्मत कार्य के नाम पर सिंचाई का पानी बंद किए जाने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि पिछले दो माह से नहर बंद होने के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को काश्तकारों ने तहसील पहुंचकर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग ने दाईं खोह नहर को मरम्मत के नाम पर लंबे समय से बंद कर रखा है, जबकि धान की रोपाई के लिए पौध तैयार करने का समय शुरू हो चुका है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के पानी की सख्त जरूरत है। किसानों ने कहा कि सिंचाई के अभाव में धान की पौध तैयार करने के साथ ही मवेशियों के चारे के लिए चरी की बुआई और साग-सब्जियों की खेती भी प्रभावित हो रही है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र नहर में पानी छोड़े जाने की मांग करते हुए देवी मंदिर से नीचे की ओर जाने वाली कौड़िया के क्षतिग्रस्त कुलावा संख्या-4 की गूल की मरम्मत कराने की भी मांग उठाई। इस अवसर पर पातीराम ध्यानी, विजय ध्यानी, अजय रावत, नवीन रावत और प्रवीन सिंह सहित अन्य काश्तकार मौजूद रहे।