इंफाल,। मणिपुर के बिष्णुपुर में एक घर पर रॉकेट हमला करने के बाद हुई 2 बच्चों की मौत के मामले में लोगों का गुस्सा नहीं थम रहा है। राज्य के पहाड़ी और घाटी, दोनों इलाकों में 5 दिन के पूर्णबंदी से कामकाज लगभग ठप हो गया है। रोजाना रात को अलग-अलग जिलों और इलाकों में मशाल जूलुस निकाले जा रहे हैं। रविवार रात को काकचिंग में और सोमवार रात को भी इंफाल के कीशमथोंग इलाके में भारी प्रदर्शन जारी रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या के विरोध में विभिन्न नागरिक समाज संगठनों और मीरा पैबी समूहों ने 5 दिवसीय पूर्ण बंद बुलाया है, जिससे मणिपुर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित दिख रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में, इम्फाल-उखरुल सड़क पर 2 नागरिकों की हत्या और 3 अन्य के घायल होने के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने भी 3 दिन का बंद बुलाया है। अब प्रदर्शन में मैतेई, कुकी-जो और तटस्थ रहने वाला नागा समुदाय भी शामिल हो गया है।
राज्य में वाणिज्यिक परिवहन सेवाएं सड़कों से नदारद हैं और स्कूल, कॉलेज, दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, निजी-सरकारी बैंक और निजी कार्यालय बंद रहे। घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों की सड़कें लगभग सुनसान दिखाई दीं, केवल कुछ ही वाहन आपातकालीन स्थितियों में चल रहे थे। सरकार ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसके बाद भी लोग कार्यालयों में दिखाई नहीं दे रहे हैं। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्यवाही को कहा है।
बिष्णुपुर के मोइरांग के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई गांव में 6 अप्रैल को संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने एक घर पर रॉकेट दागा, जिसमें 5 वर्षीय लड़के और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद 7 अप्रैल को हिंसा शुरू हो गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने एक पेट्रोल पंप के पास 2 तेल टैंकरों और एक ट्रक में आग लगा दी और अस्थायी पुलिस चौकी को नुकसान पहुंचाया। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।