राजकीय बेस चिकित्सालय में नागरिक मंच ने दिया धरना
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय बेस चिकित्सालय में चिकित्सकों और तकनीकी कर्मचारियों की कमी पर नागरिक मंच का गुस्सा फूट पड़ा। मंच के सदस्यों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ धरना देते हुए जल्द व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। कहा कि जनता की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुरुवार को मंच के सदस्यों ने अध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी के नेतृत्व में अस्पताल के प्रवेश द्वार पर धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि मैदान और पर्वतीय क्षेत्रों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए बेस चिकित्सालय पहुंचते हैं, लेकिन संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत पदों की तुलना में चिकित्सकों की संख्या काफी कम है, जिससे कई बार कैंप और वीआईपी ड्यूटी के कारण ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित लीथोट्रिप्सी और मैमोग्राफी मशीनें तकनीशियनों के अभाव में लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। मंच ने अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीकी कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की। साथ ही पुरानी और अनुपयोगी हो चुकी मशीनों के स्थान पर नई मशीनें उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। धरने के दौरान वक्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों को गोल्डन कार्ड के माध्यम से ओपीडी सुविधा नहीं मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि पहले ओपीडी सेवाओं में गोल्डन कार्ड का लाभ मिलता था, लेकिन वर्तमान में यह सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो नागरिक मंच आम जनता के सहयोग से व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। धरने में गोविंद डंडरियाल, प्रवेश नवानी, राकेश लखेड़ा, राजेंद्र पंत, मुजीब नैथानी, सुल्तान सिंह रावत, अतुल भट्ट, हरीश चंद्र कुंडलिया, दिनेश जुयाल, जयबीर सिंह रावत, सुबोध देवरानी, सुरेश मधवाल, सुंदर लाल जोशी, शशि मोहन उनियाल और गोपाल कृष्ण बडथ्वाल सहित कई लोग मौजूद रहे।