ऋषिकेश। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के बाद अब बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही ऋषिकेश में भी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा के दर्शन के लिए तड़के से ही यात्री रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटरों पर जुटे दिखे। सुबह से लेकर शाम तक आस्थापथ पर रवाना होने से पूर्व 3,456 यात्रियों ने पंजीकरण कराया। चारधाम ट्रांजिट केंद्र में 24 काउंटर तड़के से लेकर सुबह आठ बजे यात्रियों की कतारों से फुल दिखे। महाराष्ट्र, यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात समेत देश के विभिन्न राज्यों से यात्री ऑफलाइन रजिस्ट्रेशेन के लिए पहुंचे। केंद्र में जय बदरी, जय केदार के जयकारों के बीच यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराकर धामों का रुख किया। यात्रा पर जाने से पूर्व ट्रांजिट केंद्र में ही उनकी हेल्थ स्क्रीनिंग भी की गई। आवश्यक दवाओं के साथ दिल और ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित यात्रियों को विशेषज्ञों ने यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण सावधानियां से भी अवगत कराया। यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि 17 अप्रैल से अभीतक 14,346 यात्रियों ने चारधाम के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। यात्रा बस अड्डे पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए छह काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। बताया कि ट्रांजिट केंद्र में उनके चाय-नाश्ते और भोजन के लिए निशुल्क व्यवस्था भी की गई है।यात्रियों का फूलों से किया स्वागतचारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को ट्रांजिट केंद्र में पहुंचे यात्रियों का पर्वतीय एवं मैदानी मंच की महिलाओं ने फूलों से स्वागत किया। उन्होंने यात्रियों को सूक्ष्म जलपान कराने के साथ ही उनकी सुगम व सुरक्षित यात्रा की कामना भी की। फूलों की माला पहनाते हुए भगवान बदरी-केदार और गंगोत्री-यमुनोत्री के जयकारे भी लगाए। मंच से जुड़ी लक्ष्मी अग्रवाल ने बताया कि सदस्य इस तरह के सेवा कार्यों को निरंतर करते हैं। सदस्यों में ज्योति चमोली, अनीता तिवारी, इरम जोशी, कनिका नेगी, आशीष तिवारी, ममता जोशी, मोहित रतूड़ी आदि शामिल रहे।25 बसों से 800 यात्री रवाना-संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की 25 बसों से बुधवार को 800 यात्री चारधाम के लिए रवाना हुए। 18 अप्रैल से अभीतक 107 बसों में 3,500 यात्री धामों के लिए जा चुके हैं। धीरे-धीरे बढ़ रही यात्रियों की संख्या को लेकर निजी परिवहन कारोबारियों के चेहरों पर खुशी की लहर है। उन्हें इस साल यात्रा में आर्थिकी सुधरने की उम्मीद जगी। समिति अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने बताया कि यात्रियों के लिए दो हजार बसों को रिजर्व किया गया है। चालकों-परिचालकों को यात्रियों के साथ मधुर व्यवहार करने के लिए भी कहा गया है।