जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के साथ खतरे भी बढ़ गए हैं। शनिवार को दोपहर बाद हुई लगातार वर्षा के बीच हाईवे पर कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। आमसौड़ के समीप अचानक भारी बोल्डर सड़क पर आ गिरे। संयोग से उस वक्त कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बोल्डर गिरने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

राष्ट्रीय राजमार्ग के कोटद्वार-दुगड्डा हिस्से में 20 से अधिक संवेदनशील डेंजर जोन चिह्नित हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक स्थान ऐसे हैं, जहां बारिश के दौरान पहाड़ी से पत्थर और बोल्डर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे के बाद वर्षा तेज होने के साथ ही इन स्थानों पर खतरा और बढ़ गया। लालपुल से आमसौड़ के बीच कई जगह पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। पांचवें मील के समीप बरसाती रपटे में भी बारिश के दौरान पानी का बहाव तेज हो गया। पानी का वेग कम होने तक दोपहिया वाहन चालकों को रपटे के पास रुकना पड़ा। दोपहर करीब दो बजे आमसौड़ से पहले दो पुलिया के समीप पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े बोल्डर हाईवे पर आ गिरे। बोल्डर सड़क पर गिरने के बाद यातायात रोकना पड़ा। सूचना मिलते ही जेसीबी मौके पर पहुंची और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू किया गया। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे यात्रियों के सामने एक ओर सड़क खुलने का इंतजार था तो दूसरी ओर पहाड़ी से दोबारा बोल्डर गिरने का डर। बारिश के बीच लोग लगातार पहाड़ी की तरफ देखते रहे।
हर बारिश में बढ़ जाती है चुनौती
कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे का पहाड़ी हिस्सा बरसात में लगातार चुनौती बना रहता है। मलबा, बोल्डर और सड़क पर जमा मिट्टी के कारण वाहन चालकों को हर कदम संभलकर रखना पड़ता है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी और समय रहते मलबा हटाना जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।