उत्तरकाशी। गोविंद पशु विहार पार्क क्षेत्र के जखोल न्याय पंचायत अंतर्गत बासनी, सरूका तोक एवं सुनकुंडी क्षेत्र में भालुओं की दहशत लगातार बढ़ रही है। भालुओं ने सेब बगानों में घुसकर पेड़ों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है जिससे काश्तकारों की वर्षों की मेहनत बरबाद हो रही है। गोविंद वन्य जीव विहार सुपिन रेंज क्षेत्र के जखोल व सुनकुंडी गांवों के विभिन्न तोकों में भालुओं ने सेब के पेड़ों को बुरी तरह नष्ट कर दिया। स्थानीय काश्तकारों का कहना है कि लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। जखोल निवासी किसान रावत ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सेब बागानों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ लगाने की मांग की जा रही है। इस संबंध में गोविंद पार्क एवं राजाजी टाइगर रिजर्व अधिकारियों को प्रस्ताव भी भेजे गए लेकिन आज तक वे फाइलों में ही दबे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से बागानों में वॉइस सिस्टम लगाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन वह योजना भी आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी। वहीं सुरक्षा के लिए लगाए गए सोलर सिस्टम भी ठेकेदार बाद में उखाड़कर वापस ले गए। किसान फते सिंह, नथी सिंह, किशन सिंह, जोत सिंह, मोहन सिंह, गुड्डू, राजेश, कमल सिंह एवं राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जहां भालू सेब बागानों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं जंगली सूअर गेहूं और आलू की फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं। चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा, मुआवजा और घेरबाड़ की व्यवस्था नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं गोविंद पशु विहार की उप निदेशक निधि सेमवाल ने बताया कि मुआवजे को लेकर नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया है। भालुओं को भगाने के लिए हर वर्ष सोलर एवं वॉइस सिस्टम लगाए जाते हैं।