बीईएल कर्मचारियों को सिखाए सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के तरीके

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हादसों में घायलों की जान बचाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), कोटद्वार में कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के नियमों के साथ ही दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने के तरीके बताए गए। इस दौरान प्राथमिक उपचार, सीपीआर, आपातकालीन सहायता और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।


बीईएल में आयोजित कार्यक्रम में आरटीओ प्रवर्तन विमल पांडे और एआरटीओ प्रवर्तन अमित कुमार ने कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मौके पर मौजूद व्यक्ति की तत्परता और सही कदम घायल की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अधिकारियों ने दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार देने, सीपीआर की जानकारी रखने और आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर कॉल करने के बारे में बताया। साथ ही घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की अपील की गई। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने पर जोर दिया। कहा कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान राहवीर योजना, पीएम राहत स्कीम और हिट एंड रन योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने और उसे अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र मददगार को 25 हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिए जाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सड़क हादसों के दौरान कई बार लोग कानूनी औपचारिकताओं या पुलिस की पूछताछ के डर से घायलों की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक होना जरूरी है, ताकि घायल को समय पर उपचार मिल सके और उसकी जान बचाई जा सके। कार्यक्रम में पीएम राहत स्कीम और हिट एंड रन योजना से संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी होना भी जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में बीईएल के जीएम आरएन पांडे, सीनियर डीजीएम रामपाल सैनी, एचआर अधिकारी अखिल भारद्वाज, सिक्योरिटी ऑफिसर आशीष और डॉ. सुधांशु शर्मा समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, दुर्घटना के समय घायलों की मदद के लिए लोगों को प्रेरित करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने का संदेश दिया गया।

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