छात्रों में बढ़ रही है रचनात्मक प्रवृति व अपनी बोली भाषा के प्रति रुझान

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। ख्याति प्राप्त कवियों ने कहा कि छात्रों में रचनात्मक प्रवृति बढ़ रही है। साथ ही युवा पीढ़ी में नशे के प्रति आक्रोश भी है। कवियों का यह आंकलन समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कविता लेखन प्रतियोगिता पर आधारित था।
समाज कल्याण विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत कविता लेखन व पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। रविवार को निर्णायक मंडल ने कविताओं का आंकलन किया। प्रतियोगिता में जूनियर व सीनियर स्तर पर 460 कविताएं प्राप्त हुई थी। ख्याति प्राप्त कवि व प्रतियोगिता के निर्णायक जयकृष्ण पैन्यूली माटी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों को मंच उपलब्ध होता है। जहां छात्र अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैँ। जो कविताएं मिली है अधिकांश छंदयुक्त थी। छात्रों में कविता लेखन के प्रति रुचि बढ़ रही है। जो अपनी भावनाएं व्यक्त करने कर सबसे बेहतरीन माध्यम हैं। कमलेश जोशी ने बताया कि कविताओं से स्पष्ट होता है कि नशे के प्रति युवाओं में खासा आक्रोश है। जो समाज के लिए फायदेमंद होगा। गढ़वाली भाषा के प्रसिद्ध कवि देवेंद्र उनियाल ने कहा कि छात्रों की लिखी कविताओं से स्पष्ट हुआ कि छात्र रचनात्मकता की ओर बढ़ रहा है। छात्र नशे की विकृतियों से भली भांति परिचित है। साहित्य छात्रों के भविष्य को संवारेगा यह साहित्य की जीत है। उनियाल ने बताया कि गढ़वाली मे भी बड़ी संख्या में कविताएं प्राप्त हुई। जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अपनी बोली भाषा के प्रति भी छात्रों में रुझान बढ़ा है।

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