54 टन से अधिक पिरूल का संग्रहण, वनाग्नि रोकथाम में मिल रही सफलता

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्रखंड द्वारीखाल में हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वनाग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना के तहत गठित हंस वनाग्नि प्रबंधन समितियों ने वन विभाग की पिरूल संग्रहण योजना के अंतर्गत अब तक 54.685 टन पिरुल एकत्र किया है। संग्रहित पिरुल को आगे के उपयोग के लिए देहरादून के सेलाकुई स्थित एमएस एग्रो वेस्ट मैनेजमेंट को भेज दिया गया है।
ब्लॉक समन्वयक रोहित गड़िया ने बताया कि क्षेत्र की वनाग्नि प्रबंधन समितियां ग्रामीणों के सहयोग से जंगलों में गिरे पिरुल को एकत्र करने का कार्य कर रही हैं। ग्राम लंगूरी, जमेली, दिउसा, चवारा, कलोड़ी और मलेथा में फायर फाइटर तथा समिति के सदस्य इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंगलों से पिरुल हटाने से वनाग्नि की घटनाओं में कमी आ रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही यह पहल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय का भी माध्यम बन रही है। पिरुल संग्रहण कार्य में शामिल ग्रामीणों को आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आजीविका सुदृढ़ हो रही है। समिति सदस्यों और ग्रामीणों ने इस अभियान को भविष्य में भी जारी रखने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया है। उनका मानना है कि जनसहभागिता और सामुदायिक प्रयासों के जरिए ही वनाग्नि जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *