कोविड अस्पताल के नाम पर एक माह से बंद है बेस अस्पताल श्रीकोट में ओपीडी, अन्य गम्भीर रोगी हो रहे परेशान

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-अब कोविड मरीजों की संख्या भी हो रही कम
जयन्त प्रतिनिधि। 
श्रीनगर।
राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर के बेस अस्पताल को कोविड अस्पताल के नाम पर एक माह से कोरोना संक्रमित मरीजों के अलावा अन्य मरीजों के लिए बंद किया गया है। जिससे बेस अस्पताल की ओपीडी का दबाव भी उपजलिा चिकित्सालय श्रीनगर पर पड़ गया है। उपजिला चिकित्सालय में सीमित डाक्टर व संसाधन होने से अस्पताल प्रबंधन के साथ ही लोगों को खासी परेशानी हो रही है। कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में बेस अस्पताल की ओपीडी व आईपीडी खोले जाने की मांग स्थानीय निवासियों द्वारा की जाने लगी है। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि शासन से इस संबंध में चर्चा की जाएगी।
गढ़वाल व कुमाऊं के पांच जनपदों की करीब 20 लाख की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर पर निर्भर है। मेडिकल कॉलेज होने की वजह से यहां मनोरोग, हड्डी, फिजियोथैरेपी, टीबी एंड चेस्ट, ब्लड बैंक, रेडियोडायग्नोसिस, ईएनटी, आईसीयू, सर्जरी, सीजेरियन प्रसव और कैंसर रोग सहित अन्य गंभीर रोगों की इलाज की सुविधा है। इसके अलावा ह्दय रोगियों के बचाने में कई बार मददगार साबित हुआ है। अक्सर प्रसव या ऑपरेशन संबंधी गंभीर केस मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिए जाते हैं। साथ ही कॉलेज में काफी संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर हैं। लेकिन पिछले एक माह से कोविड अस्पताल का हवाला देते हुए बेस अस्पताल में ओपीडी और आईपीडी बंद कर दी गई। ऐसे में इन पांच जनपदों की जनता पूरी तरह उप जिला अस्पताल की सीमित सुविधा पर निर्भर हो गई। उप जिला अस्पताल में वर्तमान में लगभग 42 बेड हैं। जो इतनी अधिक जनसंख्या के लिए नाकाफी हैं। इसके अलावा यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों समेत अन्य स्टाफ की कमी है। ऐसे में यहां भी लोगों को भटकना पड़़ रहा है।
जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल डॉ. विजय जोगदेण्डे का कहना है कि बेस अस्पताल में ओपीडी व आईपीडी को खोले जाने के संबंध में शासन से अनुमति ली जाएगी। अनुमति मिलने पर इसे खोल दिया जाएगा।

केस 1
हिंडोलाखाल की एक महिला को गंभीर दशा में प्रसव के लिए श्रीनगर लाया गया। बेस अस्पताल के सामान्य मरीजों के लिए बंद होने की वजह से उप जिला अस्पताल लाया गया। यहां बेड नहीं मिल पाया। हालांकि बाद में मानवीय पहलू को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने किसी तरह उसका प्रसव कराया।

केस 2

रुद्रप्रयाग के खड़पतियाखाल से एक महिला के कान में दिक्कत होने पर परिजन उसे रुद्रप्रयाग लाए। जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग ने सीटी स्केन के लिए रेफर किया। बेस अस्पताल में सीटी स्केन नहीं हो पाया और ना ही ईएनटी सर्जन से स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जा सका।

केस 3
तीन दिन पूर्व खंडाह के एक बुजुर्ग घर पर चक्कर आने से गिर गए। परिजन उपचार के लिए बेस अस्पताल आए। अस्पताल प्रबंधन से कोविड अस्पताल का हवाला देते हुए केस लेने से मना कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस आने तक वेंटीलेटर की मांग की। लेकिन बताया गया कि सारी सुविधाएं कोविड संक्रमितों के लिए
हैं। देहरादून जाते समय रास्ते में बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।

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