लीलानंद लखेड़ा के स्मारक की अनदेखी, जीर्णोद्धार की उठी मांग

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : डेरियाखाल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजसेवी लीलानंद लखेड़ा (भगत जी) की स्मृति में निर्मित स्मारक बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। स्मारक की जर्जर हालत को देखते हुए समाजसेवी लीलानंद लखेड़ा जनकल्याण समिति ने मुख्यमंत्री से इसके शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की है।
समिति के अनुसार लीलानंद लखेड़ा ने ब्रिटिश शासनकाल के दौरान अपनी चल-अचल संपत्ति गिरवी रखकर क्षेत्र में सड़क निर्माण करवाया था, जिससे लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सकी। उनके सामाजिक योगदान को सम्मान देने के लिए डेरियाखाल तिराहे पर स्मारक का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में स्मारक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दीवारों पर लगी टाइल्स उखड़ चुकी हैं और कई स्थानों पर सरिया बाहर दिखाई दे रहा है। स्मारक परिसर में झाड़ियां और घास उग आने से इसकी सुंदरता प्रभावित हुई है तथा देखरेख के अभाव में यह स्थल उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है। गौरतलब है कि 16 अगस्त 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इस स्मारक का उद्घाटन किया था। संस्कृति विभाग की ओर से यहां स्वर्गीय लीलानंद लखेड़ा की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। हालांकि, पिछले कई वर्षों से उचित रख-रखाव न होने के कारण स्मारक की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। समिति ने उपजिलाधिकारी संदीप कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्मारक के संरक्षण और जीर्णोद्धार की मांग की। समिति के सचिव महानंद ध्यानी ने कहा कि क्षेत्र के इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी स्मारक को संरक्षित करने के लिए सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

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