रोडवेज में हड़ताल पर छह माह के लिए रोक, सरकार ने लगाया एस्मा

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देहरादून। सरकार ने उत्तराखंड परिवहन निगम में कर्मचारियों के आंदोलन व संभावित हड़ताल को देख अगले छह महीने के लिए सोमवार शाम से अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगा दिया है। रोडवेज कर्मचारियों ने इसे हिटलरशाही बताया है।
एस्मा से पूर्व निगम प्रबंधन की ओर से कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी को बीते दिनों निजी एजेंसी से भर्ती के विरोध में हुए आंदोलन के क्रम में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। प्रबंधन का संदेह था कि इससे यूनियन बेमियादी हड़ताल पर जा सकती है। यही वजह है कि आनन-फानन में एस्मा का प्रस्ताव बना सरकार को भेजा गया। परिवहन सचिव अरविंद सिंह हयांकी ने इसके आदेश कर दिए।
विशेष श्रेणी चालक-परिचालकों व अन्य कर्मचारियों के नियमितीकरण के साथ उन्हें हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार समान काम समान वेतन देने और निजी एजेंसी से निगम में चल रही चालक-परिचालकों की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग पर निगम कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं।
पिछले 15 दिन में इस मामले पर चले घटनाक्रम को लेकर रोडवेज प्रबंध निदेशक रोहित मीणा को स्वयं कमान संभालनी पड़ी और वार्ता कर किसी तरह से कर्मचारियों को मनाया। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन तो एक व दो सितंबर को हड़ताल पर जा रही थी, जिसे प्रबंधन ने 31 अगस्त की देर शाम मनाया। इसके साथ ही प्रबंधन काम न करने वाले अधिकारियों एवं अक्षम चालक व परिचालकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी में भी लगा हुआ है।
इन तमाम मामलों को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है एवं प्रबंधन से उनका टकराव लगातार बढ़ता जा रहा। संयुक्त परिषद और इम्प्लाइज यूनियन भी आंदोलन पर जाने की तैयारी में थे, लिहाजा निगम प्रबंधन ने कोई और विकल्प न देख सरकार से एस्मा लागू करने का अनुरोध किया।
रोडवेज प्रबंधन हरिद्वार रोड पर कार्यशाला की जमीन भी बेचना चाहता है। बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव भी मंजूर किया गया मगर जमीन बेचने पर उच्च न्यायालय ने यूनियन की याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगाई हुई है। रोक हटाने के लिए प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में पिछले हफ्ते अपील की। जिस पर यूनियन ने भी न्यायालय में अपील कर रोक न हटाने की मांग की। ऐसे में माना जा रहा कि एस्मा लागू कराकर के बाद प्रबंधन कुछ बड़े निर्णय लेने की तैयारी में है, ताकि विरोध से बचा जा सके।
अशोक चौधरी (प्रदेश महांमत्री रोडवेज कर्मचारी यूनियन) ने बताया कि सरकार ने हड़ताल पर एस्मा लगाई है। निगम प्रबंधन की ओर से मुझे समाचार पत्र में बयान देने के लिए नोटिस दिया है। सेवा नियमावली और ट्रेड यूनियन के नियमों के तहत कर्मचारी नेताओं को समाचार पत्र एवं एजेंसी में बयान देने का अधिकार प्राप्त है।
यूनियन की ओर से निगम में भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले उठा रही और आगे भी उठाती रहेगी। यूनियन नोटिस से डरने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री व उच्च न्यायालय के समक्ष एस्मा को लेकर यूनियन शिकायत दर्ज कराएगी।

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