हंगामे की भेंट चढ़ ग्राम प्रधान संगठन का चुनाव

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बागेश्वर। ग्राम प्रधान संगठन के गठन के लिए मंगलवार को होने वाला चुनाव हंगामे की भेंट चढ़ गया। संगठन के अध्यक्ष को निर्विरोध चुने जाने की मंशा को चार प्रधानों ने दावेदारी पेश कर तोड़ दिया। हालांकि बाद में दो लोगों ने खुद को दौड़ से अलग कर लिया। इसके बाद दो उम्मीदवारों में सीधा मुकाबला होना था, लेकिन बैठक में प्रधान पतियों की मौजूदगी ने वोटिंग प्रक्रिया में खलल डाल दिया। इसके चलते बिना चुनाव कराए ही बैठक समाप्त हो गई। ब्लॉक सभागार में प्रधान संगठन के चुनाव को लेकर बैठक हुई। इसमें 70 के करीब ग्राम प्रधान व प्रधान पतियों ने शिरकत की। बैठक में संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर प्रत्याशी के नाम पर विचार विमर्श होने लगा। इसी दौरान चार ग्राम प्रधानों ने दावेदारी पेश कर दी। इसके चलते निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की उम्मीदें धराशायी हो गई। हालांकि संगठन की एकजुटता बनाने को लेकर फिर से निर्विरोध अध्यक्ष बनाने पर विचार हुआ। जिसके बाद दो उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया। उनकी हटने के बाद चैगांवछीना के ग्राम प्रधान विनोद कुमार टम्टा और पंत क्वैराली के प्रधान रमेश चंद्र पाठक के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया। दोनों उम्मीदवारों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद चुनाव की एकमात्र विकल्प बचा रह गया। इस बीच चुनाव कराने की कवायद शुरू हुई तो पाया गया कि बैठक में अधिकांश महिला प्रधानों के स्थान पर उनके पति शिरकत कर रहे हैं। इसको लेकर दोनों पक्षों ने वोटिंग कराने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रधान पति चुनाव में हिस्सेदारी नहीं कर सकता है। बैठक में अगर आधे से भी बहुत कम प्रधान आए हैं। उन्होंने कोरम पूरा होने पर चुनाव का भी विरोध कर दिया। जिस पर भी कुछ देर हंगामा हुआ, आखिरकार चुनाव प्रभारी शेखरानंद गुरुरानी ने चुनाव प्रक्रिया को स्थागित कर दिया। इस मौके पर नंदन सिंह, सरस्वती देवी, प्रदीप कुमार, विपिन चंद्र, आनंद बल्लभ, संतोष सिंह, ललित सिंह, भगवान सिंह, रेखा देवी, कुंदन सिंह, हेम चंद्र जोशी, केशव लाल मोनिका रावत आदि मौजूद रहे।

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