अतिवृष्टि प्रभावित महरगांव में जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
डीएम ने स्वयं 3 किलोमीटर पैदल पहुंचकर संभाली राहत एवं बचाव कार्यों की कमान
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : बीती रात हुई अतिवृष्टि से तहसील सतपुली के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए। महरगांव में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त दो मंजिला भवन में दबे तीन लोगों को बचाने के लिए प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस एवं स्थानीय ग्रामीणों के समन्वित प्रयासों से तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अभियान में मलबे में दबे दो व्यक्तियों के शव बरामद कर लिए गए। तीसरे शव को निकालने की कार्रवाई जारी है। जिला प्रशासन द्वारा अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया स्वयं करीब 3 किलोमीटर पैदल दुर्गम मार्ग से ग्राम महरगांव पहुंचीं और मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी करते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की घटना में मलबे में दबे दो शव बरामद कर लिए गए हैं। तीसरे को निकालने की कार्रवाई जारी है। घटनास्थल पर जिलाधिकारी ने प्रभावित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की जानकारी ली। बालक के पिता ने जिलाधिकारी को घटनाक्रम से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने बालक की माता तथा अन्य परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि इस कठिन समय में जिला प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपदा राहत के अतिरिक्त परिवार को किसी अन्य प्रकार की आवश्यकता होने पर भी हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत पहुंचाते हुए प्रत्येक मृतक के लिए 4-4 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त भवन के लिए 2 लाख रुपये सहित कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। सभी शव बरामद होने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं की बहाली को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विद्युत एवं पेयजल विभाग समेत संबंधित विभागों की टीमें मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं को सुचारु करने में जुटी हैं। प्रभावित परिवारों के मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा कराई गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव दलों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए तथा उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बाधित मार्गों को तत्काल मशीनरी के माध्यम से खोलने तथा जहां विद्युत फीडर बाधित हैं, वहां विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। इस मौके पर एडीएम एफ आर चौहान, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, तहसीलदार लैंसडौन विद्यादत्त सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग आदि उपस्थित रहे।