जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : रथुवाढाब में कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग, लैंसडौन की अदनाला रेंज के तत्वावधान में होमस्टे प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को होमस्टे के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ना और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ उप प्रभागीय वनाधिकारी शिप्रा वर्मा और वन क्षेत्राधिकारी रूपा रानी ने किया। उन्होंने युवाओं को होमस्टे योजना की जानकारी देते हुए कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में आगे आना होगा। लैंसडौन ट्रिप ट्रैवल्स कैफे के संस्थापक अमित श्रीवास्तव ने होमस्टे संचालन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से युवा अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने स्थानीय और पहाड़ी उत्पादों को पर्यटन से जोड़कर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। कहा कि पुराने पैतृक भवनों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित कर आकर्षक होमस्टे के रूप में विकसित किया जा सकता है। होमस्टे संचालक मनोज नेगी, शिवांग नेगी और बचन सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में होमस्टे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर माध्यम बन सकता है। इस अवसर पर कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग लैंसडौन के उप वन संरक्षक तरूण एस., उप प्रभागीय वनाधिकारी अनामिका बुक्करवाल, वन क्षेत्राधिकारी अमोल ईष्टवाल, कृति नेगी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।