स्वामी राम हिमालयन विवि हिल कैंपस तोली में प्रमाण पत्र वितरण एवं प्लेसमेंट कार्यक्रम सम्पन्न
जयन्त प्रतिनिधि।
सतपुली : स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के हिल कैंपस तोली, दुधारखाल में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण एवं प्लेसमेंट कार्यक्रम उत्साह एवं गरिमामय वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में हॉस्पिटैलिटी एवं स्किल डेवलपमेंट पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को कोर्स कम्प्लीशन प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही कई विद्यार्थियों का विभिन्न संस्थानों में आयोजित जॉब इंटरव्यू के माध्यम से चयन भी हुआ।
कार्यक्रम में कैंपस प्रबंधक मधुसूदन धस्माना ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार परक शिक्षा से जोड़ना संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि कौशल आधारित प्रशिक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। हिल कैंपस तोली द्वारा संचालित हॉस्पिटैलिटी कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। हॉस्पिटैलिटी विभाग के प्रधानाचार्य संजीव बिंजोला ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कार्य क्षेत्र में अनुशासन, समर्पण एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित फैकल्टी सदस्य विजय भट्ट एवं हरीश रावत ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्थान का प्रयास युवाओं को केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना भी है, ताकि वे देश-विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रोहन नेगी, क्षेत्र पंचायत नूतन नेगी, ग्राम प्रधान विकेश खंतवाल, अजय लखेड़ा, अंकुश नेगी, व्यापार मंडल दुधारखाल के वासुदेव भट्ट, सेवानिवृत्त सूबेदार विनोद भट्ट, हमांशु जोशी, आशीष बौंठियाल, राकेश सिंह, आनंद सिंह, सोहित खंतवाल, नीरज नेगी पहाड़ी आदि मौजूद थे।
छात्रों ने साझा किये अनुभव
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में रहकर हॉस्पिटैलिटी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण प्राप्त करना उनके लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा। विद्यार्थियों ने कहा कि संस्थान द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। वक्ताओं ने कहा कि यदि इसी प्रकार युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते रहे, तो पलायन जैसी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।