नईदिल्ली। ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक और जहाज पर हमला हुआ है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी है। दूतावास ने बताया कि वे स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जहाज के चालक दल में कुछ भारतीय भी शामिल हैं। अभी तक हताहतों के बारे में कोई सूचना नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जहाज पर हमला हुआ है, उसका नाम एमटी जलवीर बताया जा रहा है। इस जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार हैं। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सूत्रों ने मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से बताया कि चालक दल के सभी सदस्य अब तक सुरक्षित हैं। 20 में से 5 सदस्यों को पास से गुजर रहे जहाजों ने बचा लिया है।
10 जून को एमटी सेत्तेबेल्लो नामक जहाज पर हमला हुआ था। इस जहाज पर चालक दल के 24 सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया था। वहीं, 3 भारतीय लापता थे। आज इनके मारे जाने की पुष्टि हुई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि पहले जिन 3 भारतीय नाविकों को लापता माना जा रहा था, उनकी मौत की पुष्टि हो गई है। इनमें से 2 के शव भी मिल चुके हैं।
अमेरिका ने बीते 3 दिनों में भारतीय चालक दल वाले 2 जहाजों पर हमला किया है। पहला हमला 8 जून को एमटी मैरीवेक्स पर हुआ था। इस पर 24 भारतीय थे, जिनमें से सभी को बचा लिया गया था। दूसरा हमला 10 जून को एमटी सेत्तेबेल्लो पर हुआ था। इस पर चालक दल के 24 सदस्य थे, जिनमें से 3 भारतीय मारे गए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस हमले का अमेरिकी दूतावास के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया था।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, यह हमारे समुद्री समुदाय के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। मोदी सरकार इस मुश्किल घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके परिजनों की हर संभव मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाए गए चालक सदस्यों को तुरंत वापस लाया जाए और मृतकों के शवों को भी जल्द से जल्द वापस लाया जाए ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।