किसानों की समस्याएं दूर करने के बजाए पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही सरकार: अंबावता

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हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन अंबावता के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुक्रवार को अलकनंदा मैदान में समापन हो गया। अधिवेशन में राष्ट्रपति के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन भेजकर किसानों की प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में एमएसपी की गारंटी, पांच हजार रुपये महीना वृद्धावस्था पेंशन, पूरे देश में मु्फ्त शिक्षा चिकित्सा व्यवस्था, किसानों को संपूर्ण कर्ज माफी, किसान आयोग का गठन, उत्तराखंड में खेती के लिए मुफ्त बिजली, ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने आदि मांगे शामिल की गयी हैं। भाकियू अंबावता के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने बताया कि तीन दिन चले राष्ट्रीय अधिवेशन और चिंतन शिविर में देश के कई राज्यों के संगठन पदाधिकारी और हजारों किसान शामिल हुए।
समस्याओं पर व्यापक विचार विमर्श के उपरांत कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं। अंबावता ने कहा कि किसानों की समस्याएं दूर करना सरकार का दायित्व है। किसान मजबूत होगा तो देश आगे बढ़ेगा। लेकिन सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करने के बजाए देश में पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है। जिसका भाकियू अंबावता हर स्तर पर विरोध करेगी और किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी। अधिवेश का संचालन राष्ट्रीय महासचिव रामपाल सिंह अंबावता ने किया। प्रवीन अंबावता, उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी सचिन चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र प्रधान, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा, हरियाण प्रभारी चुहड़ सिंह रावत, रमन पंवार, नसीर खान, परशुराम प्रधान, तौफीक, रामानुज सिंह, सुभाष चौधरी, रविंद्र प्रधान, धीरेंद्र रावत, अमृत सिंह, अशोक मिश्रा, महीपाल सिंह, नीलकमल पांडे आदि पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में किसान मौजूद रहे।

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